मध्यप्रदेश में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और बढ़े बिजली बिल को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को राजगढ़ में इसका ट्रेलर भी देखने को मिला। इस दौरान झांझ मंजीरे बजाते हुए विधायक दफ्तर के भीतर घुसे तो वहां कोई नजर नहीं आया। गुस्साए विधायक ने बाहर निकलकर गेट पर ताला जड़ दिया। विधायक ने अधीक्षण यंत्री को कॉल कर खरी-खरी सुनाई। कहा कि आपको पता था कि हम आ रहे हैं, फिर भी आप दफ्तर छोड़कर भाग गए। आपको जवाब तो देना होगा।

कंपनी के दीवार पर लिख दिया नारा

कांग्रेस विधायक बापू सिंह तंवर दोपहर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ बिजली की समस्या को लेकर बात करने पहुंचे थे। झांझ-मंजीरा बजाते हुए विधायक कंपनी के दफ्तर में दाखिल हुए, लेकिन यहां पर अधीक्षण यंत्री संपूर्णानंद शुक्ल नजर नहीं आए। इस बात को लेकर विधायक ने नाराजगी जाहिर की। गेट पर ताला लगाकर नारेबाजी की। उन्होंने दीवार पर शिवराज सरकार के खिलाफ नारे भी लिखवा दिए। कार्यालय की दीवारों पर लिखा- "मामा थारा राज में, मच्छर खागिया रात में"। इतना ही नहीं विधायक यहां धरने पर भी बैठे।

विधायक बोले - इसलिए जड़ा ताला

विधायक ने बताया कि आस-पास के क्षेत्र में किसानों को भारी-भरकम बिजली बिल दिया जा रहा है। ऊपर से अघोषित बिजली कटौती ने परेशानी को और बढ़ा दिया है। इसे लेकर प्रदर्शन किया गया है। इसकी जानकारी हमने अधीक्षण यंत्री को एक दिन पहले ही दे दी थी। बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी हमें यहां नहीं मिला। कोई विधायक से बात करने वाला भी यहां नहीं था।

अधीक्षण यंत्री को फोन पर सुनाई खरी-खरी

विधायक ने अधीक्षण यंत्री से फोन पर बात करते हुए कहा कि जनसुनवाई का दिन है। जनता आपसे सवाल-जवाब करने आई थी। आपको जवाब देना पड़ेगा। आप भाग नहीं सकते। विधानसभा में जवाब देना होगा। आपको पता था हम आने वाले हैं, इसके बाद भी आप दफ्तर छोड़कर भाग गए। आपके दफ्तर में एक बाबू-चपरासी तक नहीं है।